श्री गणपति मंगल स्तोत्र
GANPATI MANGAL STOTRA
गणपति मंगल स्तोत्र
मंगल करं भज गणपतिं
मानस सदा शिवनन्दनम् !
विघ्नापदं समकामदम्
निज जन्मनः परिनन्दनम् !!मं!!
गौरी प्रियं गिरिश प्रियं
गणनायकं वरदायकम् !
देवाग्रगण्यं गुणनिधिं
मुनिभिः सतत् कृत वन्दनम् !!मं!!
बुद्धि प्रदं - सिद्धि प्रदं
ॠद्धि प्रदं विजय प्रदम् !
वारण वदन शुभ सदन मंगल
भवन गिरिजा नन्दनम् !!मं !!
ज्ञानैकगम्यं ज्ञान तनु
अज्ञान नाशन पटुतरम् !
प्रणमामि तं तु दिवा निशे
दारिद्र दुःख विनाशनम् !! मं !!
हेरम्ब पादाम्बुज युगे
करूचित्र ममरति विरतरम् !
इह सफल शुभ साफल्यदम्
प्रथमहि तव पद वन्दनम् !! मं !!


बहुत सुन्दर
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर गणपति बप्पा मोरिया
जवाब देंहटाएंश्री राधे किसी भी स्तोत्र को प्राप्त करने के लिए उस स्तोत्र या भजन या स्तुति का नाम लिखें जिससे यहां उपलब्ध हो
जवाब देंहटाएंBahot sundar
जवाब देंहटाएंAtti Sundar
जवाब देंहटाएंBahut bahut Bahut sundar bhay
जवाब देंहटाएं